शरीर पर रोगों का होना किसका लक्षण है?HealthPlanet

Posted on Thu 8th Dec 2022 : 09:22

शरीर में चुपचाप पल रही बीमारी का संकेत देते हैं आपके पैर

डॉक्टरों का कहना है कि शरीर के तंत्रिका तंत्र में आने वाली किसी भी गड़बड़ी का सबसे पहले हमारे पैरों पर असर पड़ता है क्योंकि हमारे पैर दिल और रीढ़ से सबसे दूर होते हैं। इसलिए पैरों की देखभाल नियमित रूप से करनी चाहिए।
 
पैरों से मिलता है बीमारियों का संकेत
पैरों की देखभाल के मामले में अमूमन हमारा ध्यान केवल नाखून काटने तक सीमित रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर के तंत्रिका तंत्र में आने वाली किसी भी गड़बड़ी का सबसे पहले हमारे पैरों पर असर पड़ता है क्योंकि हमारे पैर दिल और रीढ़ से सबसे दूर होते हैं। इसलिए पैरों की देखभाल नियमित रूप से करनी चाहिए। पैरों की त्वचा या नाखून के रंग-आकार में आने वाले बदलाव हमें कई गंभीर बीमारियों के बारे में पहले ही संकेत देते हैं।


पैरों और अंगूठे के बाल झड़ना
पैरों और अंगूठों के बाल अगर अचानक झड़ने लगें तो यह रक्त संचार में दिक्कत का संकेत है। बिना समुचित रक्त संचार के पैरों के बाल गिरने लगते हैं क्योंकि उन्हें पोषण नहीं मिलता। यह इस बात का भी संकेत हो सकता है कि आपका दिल इतनी मात्रा में ब्लड पंप नहीं कर पा रहा है कि वह पैरों तक नियमित रूप से पहुंचे।

आपके पैर भी देते हैं बीमारियों के संकेत
आपने ये जरूर सुना होगा कि हमारा शरीर हमारे स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ कहता है। सच तो ये है कि आपके पैर आपके स्वास्थ्य के बारे में और भी ज्यादा जानकारियां दे सकते हैं। आपके पैर रूखे हैं, फट रहे हैं या अक्सर सुन्न पड़ जाते हैं तो इन संकेतों पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। यहां दिए जा रहे संकेतों के आधार पर समझें कि ये किसी बीमारी का लक्षण तो नहीं!

अगर आपके पैर रूखे और पपड़ीदार हैं या मॉइश्चराइजर लगाने के बाद भी ये ऐसे ही रहते हैं तो ये थायरॉइड के लक्षण हैं। थायरॉइड की समस्या होने पर त्वचा काफी रूखी हो जाती है।
अंगूठे में दर्द गठिया का संकेत है। ये ज्यादातर बड़े अंगूठे के जोड़ को प्रभावित करता है। इस स्थिति में खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसी चीजें जिनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक हों, उन्हें खाने से बचना चाहिए।

अगर आपको नाखूनों या पैर के नाखूनों पर अचानक महीन लाल लकीरें दिखाई देने लगें तो सावधान हो जाइए, ये हार्ट इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है। ये लाल लकीरें रक्त वाहिनी हो सकती हैं। अगर आपको पैरों पर ये लाल और बारीक लाइनें दिखाई दें तो डॉक्टर से संपर्क करें।

डायबीटीज का सबसे कॉमन लक्षण पैरों के ठीक न होने वाले छाले होते हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो डायबीटीज के मरीजों में सबसे पहले पैरों से जुड़ी समस्याएं ही सामने आती हैं। पैरों में सिहरन और सुन्न होना भी डायबीटीज के लक्षण हैं।

अगर आपको अपने पैर के नाखून में गहरे रंग की खड़ी लाइन दिखे तो ये त्वचा कैंसर का लक्षण हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है, अगर अंगूठे के बेस पर आपको काले रंग की लकीर दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

पैर के नाखून में दरार या छेद को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए, ये सोरायसिस का संकेत है। देखा गया है कि जिनको नाखूनों में सोरायसिस होता है उन्हें स्किन सोरायसिस होने की संभावना भी होती है।

उंगली या अंगूठे में झुकाव लंग कैंसर, हार्ट डिजीज या फेफड़ों में इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में उंगली और अंगूठे मे सूजन भी आ जाती है।
नोट: यहां बताए गए लक्षण सिर्फ जागरूकता के लिए हैं, कृपया डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं लें।

अक्सर पैरों में मोच या क्रैम्प
कभी-कभार की बात अलग है लेकिन अगर आपके पैरों में अक्सर मोच या क्रैम्प आते रहते हैं तो यह डीहाइड्रेशन और शरीर में पोषक तत्वों की कमी का स्पष्ट संकेत है। अगर आप नियमित रूप से एक्सर्साइज करते हैं तो ज्यादा से ज्यादा पानी पीना भी सुनिश्चित करें क्योंकि अक्सर मसल क्रैम्प डीहाइड्रेशन की वजह से ही होता है। इसके अलावा डॉक्टर से बात करने के बाद समुचित जांच और सलाह के आधार पर पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी ज्यादा मात्रा में लें। क्रैम्प अगर ज्यादा दिन रहे तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि यह किसी नस के क्षतिग्रस्त होने का मामला भी हो सकता है।


गर्मियों में ऐसे रखें पैरों का ख्याल

ठीक न होने वाला घाव
ठीक न होने वाले घाव डायबीटीज का संकेत हैं। रक्त में ग्लूकोज का अनियंत्रित स्तर पैरों तक तंत्रिकाओं को क्षतिग्रस्त कर सकता है। इसका मतलब यह है कि कोई भी कट-घाव या फुंसी आपके पैरों में हो जाएगी और आपको पता भी नहीं चलेगा। अगर इसमें इंफेक्शन हो गया तो मामला और बिगड़ सकता है। लिहाजा, पैरों की देखभाल नियमित रूप से करें, खासकर अगर आपके परिवार में डायबीटीज के रोगी पहले रहे हैं तो। इसके अलावा ठीक न होने वाला घाव त्वचा कैंसर का भी लक्षण हो सकता है। यह अंगूठों के बीच में भी हो सकता है।


ठीक नहीं है हर वक्त पैर हिलाने की आदत

अगर पैर ठंडे रहते हैं
ऐसा होना हाइपोथाइरॉयडिज्म का संकेत है। इसमें पैर गर्म नहीं होते। 40 पार की उम्र के बाद यह समस्या अक्सर हो जाती है और लोग इसे मौसम का असर समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं। हाइपोथाइरॉयडिज्म के दूसरे नुकसान भी हैं जैसे- बालों का गिरना, थकान रहना, अचानक वजन बढ़ना और डिप्रेशन। इसलिए पैर ठंडे रहने की शिकायत समझ में आते ही डॉक्टर से सम्पर्क करें क्योंकि जितनी जल्दी इसकी वजह पकड़ में आ जाएगी, आपको सेहतमंद होने में उतना ही कम समय लगेगा।


पैरों के लिए भी चेहरे वाली केयर है जरूरी

इन पर भी रखें नजर
अचानक अंगूठे में सूजन
अंगूठे अचानक सूजे या लाल होने लगें या जोड़ों में दर्द हो तो यह आर्थराइटिस का संकेत हो सकता है।

एड़ी में दर्द
इसका मतलब है कि आपको जूते बदलने और स्ट्रेचिंग एक्सर्साइज करने की जरूरत है।

त्वचा में खुरदुरा या पीलापन
यह फंगल इंफेक्शन का लक्षण है। पैरों को ज्यादा से ज्यादा सूखा और ठंडा रखने की कोशिश करें। अगर फंगल इंफेक्शन नहीं है तो यह एग्जिमा भी हो सकता है लेकिन खुद की किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बजाए डॉक्टर से सम्पर्क करें।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info